कई लोगों को पूरे दिन की थकान के बाद भी रात को बिस्तर पर लेटने के घंटों बाद तक नींद नहीं आती है। यह स्थिति व्यक्ति के मेंटल स्ट्रेस, चिंता, बढ़ते स्क्रीन टाइम आदि कारणों से होती है। यदि शरीर की थकान के बावजूद आपका दिमाग एक्टिव रहता है तो ऐसे में नींद आने में परेशानी हो सकती है। यह समस्या व्यक्ति के रोजाना के कामों को भी प्रभावित कर सकती है।
सामान्यतः दिनभर काम करने के बाद लोगों को अक्सर नींद जल्दी और अच्छी आती है। लेकिन, यह हर किसी के साथ नहीं होता है। कुछ लोगों का शरीर थका हुआ महसूस करता है लेकिन, उसके बाद भी उनको पर्याप्त या अच्छी नींद नहीं आ पाती है। दरअसल, समय के साथ बदलती जीवनशैली इसकी एक बड़ी वजह मानी जा सकती है। डॉक्टर अमीर नदीम (कंसल्टेंट, रिजेंसी हॉस्पिटल गोरखपुर) बताते हैं कि जब व्यक्ति का शरीर थका रहता है और उसका माइंड एक्टिव स्टेज पर होता है तो उसको अच्छी तरह से सोने में परेशानी होती है या कई मामलों में सोना इतना मुश्किल हो जाता है कि घंटों बेड पर लेटने के बाद भी व्यक्ति को नींद नहीं आती है।
