नई दिल्ली: संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात के बाद कहा कि बीजेपी और कांग्रेस राजनीतिक विरोधी हैं, लेकिन दुश्मन नहीं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन देशहित के मुद्दों पर सभी राजनीतिक दलों को मिलकर काम करना चाहिए।
रिजिजू ने कहा कि संसद देश की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक संस्था है और इसका सुचारू संचालन सभी दलों की जिम्मेदारी है। उन्होंने विपक्ष और सरकार के बीच संवाद बनाए रखने पर जोर दिया।

क्या संसद में थमेगा विपक्ष का हंगामा?
राहुल गांधी और किरेन रिजिजू की मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब संसद में कई मुद्दों को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच लगातार टकराव देखने को मिल रहा है। विपक्ष कई मामलों पर चर्चा की मांग कर रहा है, जबकि सरकार संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने की अपील कर रही है।
हालांकि, इस मुलाकात के बाद भी यह स्पष्ट नहीं है कि संसद में चल रहा गतिरोध पूरी तरह खत्म होगा या नहीं। लेकिन राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सरकार और विपक्ष के बीच बातचीत का रास्ता खुलना संसदीय कामकाज के लिए सकारात्मक संकेत हो सकता है।
रिजिजू ने सभी दलों से अपील की कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता देते हुए सहयोग की भावना से काम करना चाहिए।