महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने मानसून सत्र के पहले दिन सदन में शोक प्रस्ताव पढ़ते समय कुछ शब्दों का गलत उच्चारण करने पर खेद व्यक्त किया। राहुल नार्वेकर ने कहा कि यह अनजाने में हुई गलती तकनीकी समस्याओं और संबोधन की अस्पष्ट मुद्रित प्रति के कारण हुई थी तथा उनका किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का कोई इरादा नहीं था।
मुंबई : महाराष्ट्र में मराठी को लेकर एक बार फिर विवाद छिड़ गया है। इस बार महाराष्ट्र विधानसभा के स्पीकर राहुल नार्वेकर के गलत मराठी बोलने पर विवाद शुरू हुआ। सियासत गरमाने लगी। राज ठाकरे और संजय राउत ने राहुल नार्वेकर पर निशाना साधा। देवेंद्र फडणवीस को भी इस मामे में घसीटा। विवाद बढ़ता देख राहुल नार्वेकर ने माफी मांग ली। उन्होंने विधानसभा में शोक संदेश पढ़ते समय कई मराठी शब्दों का गलत उच्चारण करके खुद को शर्मनाक स्थिति में डाल लिया था। इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात यह थी कि मशहूर गायिका आशा भोसले के लिए शोक संदेश पढ़ते समय उन्होंने उनके पिता, संगीतकार दीनानाथ मंगेशकर को ‘दीनदयाल मंगेशकर’ कह दिया।
दक्षिण मुंबई से चुने गए महाराष्ट्रीयन नेता राहुल नार्वेकर ने दावा किया कि ये गलतियां लिखित भाषण में तकनीकी खामियों के कारण हुईं, जिसे वे पढ़ रहे थे। भाषण के दौरान राहुल नार्वेकर बार-बार रुकते रहे क्योंकि उन्हें शब्दों का उच्चारण करने में मुश्किल हो रही थी।
