आदर्श क्रेडिट कोऑपरेटिव घोटाले से जुड़ी बड़ी अपडेट सामने आई है। इस मामले में लाखों निवेशकों के फंसे पैसे की वापसी के लिए पूर्व मुख्य न्यायाधीश (CJI) की अध्यक्षता में एक हाईलेवल कमेटी गठित करने की जानकारी सामने आई है।
मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने निवेशकों के हितों को ध्यान में रखते हुए सख्त रुख अपनाया है। कमेटी का उद्देश्य घोटाले से जुड़े मामलों की निगरानी करना और निवेशकों को जल्द से जल्द उनका पैसा वापस दिलाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना बताया जा रहा है।

जोधपुर: राजस्थान हाई कोर्ट ने आदर्श क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी से जुड़े मामले में बड़ा कदम उठाया है। कोर्ट ने लाखों निवेशकों के फंसे पैसे की जल्द वापसी और सोसाइटी के लिक्विडेशन (परिसमापन) प्रक्रिया की निगरानी के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है।
इस समिति की अध्यक्षता पूर्व मुख्य न्यायाधीश (Ex-CJI) संजीव खन्ना करेंगे। कोर्ट का उद्देश्य निवेशकों के हितों की रक्षा करना और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाना है।
कोर्ट ने घोटाले को बताया ‘सिस्टमैटिक व्हाइट-कॉलर क्राइम’
सुनवाई के दौरान राजस्थान हाई कोर्ट ने इस मामले को ‘सिस्टमैटिक व्हाइट-कॉलर क्राइम’ यानी योजनाबद्ध आर्थिक अपराध करार दिया।
न्यायमूर्ति समीर जैन ने समिति को 5 अगस्त को अपनी पहली बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, मामले की अगली सुनवाई 24 अगस्त को निर्धारित की गई है।
हाईकोर्ट की इस कार्रवाई से लाखों निवेशकों को अपने जमा पैसे वापस मिलने की उम्मीद जगी है।