बेंगलुरु की यह घटना बताती है कि सिक्योरिटी डिपॉजिट को लेकर किराएदार और मकान मालिकों के बीच विवाद लगातार बढ़ रहे हैं। कई बार घर की मरम्मत, पेंटिंग या अन्य खर्चों को लेकर दोनों पक्षों में मतभेद हो जाता है।
लीगल एक्सपर्ट्स के अनुसार, ऐसे विवादों से बचने के लिए किराएदार और मकान मालिक दोनों को रेंट एग्रीमेंट की सभी शर्तों को ध्यान से पढ़ना और समझना चाहिए। एग्रीमेंट में सिक्योरिटी डिपॉजिट की वापसी, कटौती के नियम, घर की मरम्मत और नुकसान की जिम्मेदारी जैसी बातों को स्पष्ट रूप से दर्ज करना जरूरी है।
विशेषज्ञों की सलाह है कि घर लेते और खाली करते समय मकान की स्थिति की फोटो और वीडियो रिकॉर्डिंग रखनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी भी विवाद की स्थिति में दोनों पक्षों के पास उचित प्रमाण मौजूद रहें।

बेंगलुरु: किराए के घरों में सिक्योरिटी डिपॉजिट को लेकर विवाद लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला बेंगलुरु से सामने आया है, जहां एक किराएदार ने आरोप लगाया कि घर खाली करने के बाद मकान मालिक ने उसके 1 लाख रुपये के सिक्योरिटी डिपॉजिट में से 80,396 रुपये काट लिए।
किराएदार का दावा है कि मकान मालिक ने यह रकम पेंटिंग, रिपेयरिंग और अगले किराएदार के लिए फ्लैट तैयार करने (रेनोवेशन) के नाम पर काटी है। उसका कहना है कि उसने फ्लैट को अच्छी स्थिति में रखा था और कोई बड़ा नुकसान नहीं किया था।
क्या मकान मालिक सिक्योरिटी डिपॉजिट से पेंटिंग का खर्च काट सकता है?
दिल्ली हाई कोर्ट के एडवोकेट विवेक कुमार के अनुसार, मकान मालिक हर तरह की मरम्मत या पेंटिंग का खर्च किराएदार से नहीं वसूल सकता।
- सामान्य घिसावट (Normal Wear and Tear) जैसे समय के साथ पेंट का फीका पड़ना, छोटे-मोटे बदलाव आदि का खर्च आमतौर पर मकान मालिक की जिम्मेदारी होती है।
- अगर किराएदार की वजह से घर में असामान्य नुकसान (Damage) हुआ है, तो उसकी भरपाई सिक्योरिटी डिपॉजिट से की जा सकती है।
- अगले किराएदार के लिए घर को नया जैसा बनाने या सामान्य रेनोवेशन का खर्च किराएदार से लेना उचित नहीं माना जाता।
क्या है पूरा मामला?
किराएदार ने Reddit पर दावा किया कि मकान मालिक ने सिक्योरिटी डिपॉजिट से पेंटिंग, हैंड शॉवर, टॉवल रॉड, डोर स्टॉपर और अन्य मेंटेनेंस कार्यों के नाम पर बड़ी रकम काट ली।
उसने कहा कि अगर उसकी वजह से कोई नुकसान हुआ होता तो वह भुगतान करने को तैयार था, लेकिन उससे सामान्य रखरखाव और नए किराएदार के लिए फ्लैट तैयार करने का खर्च लिया जा रहा है।
किराएदार के अनुसार, नौकरी के कारण वह महीने में औसतन सिर्फ 7 दिन ही फ्लैट में रहता था और उसने घर की देखभाल अपने घर की तरह की थी।
सिक्योरिटी डिपॉजिट विवाद क्यों बढ़ रहे हैं?
रियल एस्टेट विशेषज्ञों के अनुसार, बेंगलुरु, दिल्ली-NCR, मुंबई, हैदराबाद और पुणे जैसे बड़े शहरों में सिक्योरिटी डिपॉजिट को लेकर विवाद बढ़ रहे हैं। इसके पीछे मुख्य कारण हैं:
- पेंटिंग और सफाई के खर्च को लेकर मतभेद
- रिपेयरिंग और मेंटेनेंस की जिम्मेदारी स्पष्ट न होना
- सिक्योरिटी डिपॉजिट लौटाने में देरी
- रेंट एग्रीमेंट में स्पष्ट नियमों का अभाव
घर खाली करने से पहले किराएदार क्या करें?
विशेषज्ञों की सलाह है कि किराएदारों को:
- घर खाली करने से पहले फोटो और वीडियो रिकॉर्डिंग कर लेनी चाहिए।
- रेंट एग्रीमेंट की शर्तों को ध्यान से पढ़ना चाहिए।
- मकान मालिक से किसी भी कटौती का बिल या खर्च का विवरण मांगना चाहिए।
- सिक्योरिटी डिपॉजिट वापसी से जुड़ी सभी बातचीत लिखित रूप में रखनी चाहिए।
स्पष्ट रेंट एग्रीमेंट और दोनों पक्षों की जिम्मेदारियों की जानकारी ऐसे विवादों को काफी हद तक रोक सकती है।