नई दिल्ली: सही न्यूट्रिशन शरीर को स्वस्थ और फिट रखने के लिए बेहद जरूरी है। लेकिन सोशल मीडिया के दौर में डाइट और हेल्थ से जुड़ी कई ऐसी जानकारियां भी तेजी से फैल रही हैं, जिनका कोई ठोस वैज्ञानिक आधार नहीं होता। ऐसे ही एक मिथक का खुलासा न्यूट्रिशनिस्ट और हेल्थ कोच डॉ. रिद्धिमा खामसेरा ने किया है।
डॉ. रिद्धिमा के अनुसार, उनके पास एक ऐसा क्लाइंट आया जिसे पूरा भरोसा था कि पानी में क्लोरोफिल मिलाकर पीने से उसकी सभी स्वास्थ्य समस्याएं ठीक हो जाएंगी। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ऐसे ट्रेंड्स के कारण लोग कई बार बिना विशेषज्ञ की सलाह के इन्हें अपनाने लगते हैं।

क्लोरोफिल वॉटर कोई चमत्कारी इलाज नहीं
डॉ. रिद्धिमा का कहना है कि क्लोरोफिल वाला पानी किसी बीमारी का इलाज नहीं है। हालांकि इसमें कुछ एंटीऑक्सीडेंट गुण हो सकते हैं, लेकिन इसे हर समस्या का समाधान मानना गलत है। अभी तक ऐसे पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं जो यह साबित करें कि क्लोरोफिल वॉटर पीने से सभी स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं, जैसा सोशल मीडिया पर दावा किया जाता है।
सोशल मीडिया की सलाह पर आंख मूंदकर भरोसा न करें
विशेषज्ञों का कहना है कि हेल्दी रहने के लिए किसी एक ड्रिंक या सप्लीमेंट पर निर्भर रहने के बजाय संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और सही जीवनशैली अपनाना ज्यादा जरूरी है।
डॉ. रिद्धिमा ने सलाह दी कि किसी भी नए हेल्थ ट्रेंड या सप्लीमेंट को अपनाने से पहले योग्य डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह जरूर लें, ताकि गलत जानकारी के कारण स्वास्थ्य को नुकसान न पहुंचे।