REITs और InvITs इन्वेस्टमेंट के ऐसे ऑप्शन हैं, जो इन्वेस्टर्स को रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर से जुड़ने का मौका देते हैं। इनमें कम रकम से इन्वेस्ट शुरू किया जा सकता है और रेगुलर इनकम के चांस होते हैं। हालांकि, इन्वेस्ट से पहले रिस्क, टैक्स नियम और संबंधित एसेट्स को समझना जरूरी है।
अब तक खरीदार या इन्वेस्टर्स रेंटल इनकम पाने के लिए प्रॉपर्टी खरीदते आए हैं लेकिन अब यह ट्रेंड चेंज हो रहा है। बढ़ती कीमतों की वजह से आज के समय में घर, दुकान या अन्य प्रॉपर्टी खरीदना आसान नहीं रह गया है। बढ़ती प्रॉपर्टी कीमतें, भारी डाउन पेमेंट, रजिस्ट्रेशन और मेंटेनेंस चार्ज और किरायेदारों को संभालने जैसी चुनौतियों के कारण सीधे रियल एस्टेट में इन्वेस्ट करना मुश्किल हो गया है।
ऐसे इन्वेस्टर्स जो रेगुलर इनकम के साथ अपने इन्वेस्ट को अलग-अलग फील्ड में फैलाना चाहते हैं, उनके लिए REITs और InvITs एक बेहतर इन्वेस्ट ऑप्शन बनकर उभरे हैं। ये इन्वेस्ट ऑप्शन SEBI के नियमों के तहत चलते हैं। प्रॉपर्टी मास्टर के को-फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर गोल्डी अरोड़ा से समझते हैं कि इन्वेस्टमेंट के ये ऑप्शन क्या हैं और किन लोगों को इनसे फायदे मिल सकते हैं।
