ई दिल्ली। 24 जून को भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के एक फैसले के चलते 25 जून को टाटा समूह के एक शेयर में बड़ी तेजी आ गई। दरअसल, आरबीआई ने बुधवार को सिस्टम के लिए ज़रूरी NBFCs की परिभाषा में बदलाव किया है और ‘अपर-लेयर’ (ऊपरी स्तर) की कंपनियों के लिए 1 लाख करोड़ रुपये की नई एसेट लिमिट तय की है। इंडस्ट्री की तरफ से लिमिट बढ़ाने की मांग को खारिज करते हुए उठाए गए इस कदम से टाटा संस जैसी कंपनियों के लिए पब्लिक लिस्टिंग ज़रूरी हो सकती है। इसके चलते, गुरुवार को टाटा केमिकल्स (Tata Chemical Share Price) के शेयर 6 फीसदी से ज्यादा उछल गए। आइये आपको समझाते हैं ऐसा क्यों हुआ?
टाटा केमिकल में टाटा संस की बड़ी हिस्सेदारी
दरअसल, टाटा केमिकल्स की टाटा संस में 3% हिस्सेदारी है, जिसकी कीमत लगभग 20,000 करोड़ रुपये है। ऐसे में मार्केट एनालिस्ट का कहना है कि अगर टाटा संस का आईपीओ बाजार में आता है, तो टाटा केमिकल के पास मौजूद 3% हिस्सेदारी का मूल्य बड़ी मात्रा में अनलॉक होगा, और इससे टाटा केमिकल की बैलेंस शीट में जबरदस्त मजबूती आएगी।
