बॉम्बे हाईकोर्ट के पूर्व जज जस्टिस गौतम पटेल का दावा है कि उन्हें और उनके परिवार को पिछले करीब 10 महीनों से धमकियां मिल रही हैं। पूर्व जज का दावा है कि यह घटनाएं 2024 में दाऊदी बोहरा समुदाय के उत्तराधिकार विवाद पर दिए गए उनके फैसले से जुड़ी हैं।जज से मांग की जा रही है कि वे एक वीडियो रिकॉर्ड करके अपना फैसला वापस लें और दावा करें कि उन्हें यह ऐसा करने के लिए मजबूर किया गया।
बार एंड बेंच और इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस पटेल ने अगस्त 2024 में दाऊदी बोहरा समुदाय के उत्तराधिकार विवाद पर फैसला सुनाया था।
उन्होंने सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन को दाऊदी बोहरा समुदाय का वैध 53वां दाई-अल-मुतलक घोषित किया था। यह विवाद उनके सौतेले भाई खुजैमा कुतुबुद्दीन और बाद में उनके बेटे ताहिर फखरुद्दीन की ओर से दायर दावों से जुड़ा था।
