मौसम स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

महानगरों से निकलकर गाँव की चौखट तक पहुंची उम्मीद: डॉ. स्वप्नील माने बने ग्रामीण भारत के लिए ‘कैंसर विरोधी मसीहा’

---Advertisement---

विशेष संवाददाता, राहुरी (अहमदनगर)

“जब गाँव के किसी गरीब घर में कैंसर दस्तक देता है, तो सिर्फ बीमारी नहीं आती… पूरा परिवार बिखर जाता है। इलाज के खर्च का डर और बड़े शहरों की अजनबी दौड़, मरीज को जीने से पहले ही मार देती है।” ग्रामीण भारत के इसी दर्द को अपनी आँखों से देखने वाले और उसे महज़ एक डॉक्टर नहीं, बल्कि एक बेटे की तरह महसूस करने वाले डॉ. स्वप्नील माधवराव माने ने एक ऐसी मुहिम खड़ी की है, जिसने महाराष्ट्र के ग्रामीण अंचलों में जीवन की नई अलख जगा दी है।

“सेवा परमो धर्म:” का संकल्प और 14 वर्षों की तपस्या

टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल जैसे देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान के पूर्व फेलो और मशहूर गायनैक-ऑन्कोसर्जन (DNB, DGO, FCPS, MBBS) डॉ. स्वप्नील माने चाहते तो बड़े शहरों के आलीशान अस्पतालों में एक बेहद आरामदेह और रईस जिंदगी चुन सकते थे। लेकिन उन्होंने चुना ‘साईधाम फाउंडेशन’ का काँटों भरा, मगर सुकून देने वाला रास्ता। पिछले 14 वर्षों से डॉ. माने और उनकी टीम बड़े शहरों में सिमटे महंगे कैंसर इलाज को शिर्डी और राहुरी के उन गरीब मरीजों तक पहुँचा रही है, जिनके पास इलाज के लिए ज़मीन बेचने के अलावा कोई चारा नहीं बचता था।

आँसू पोंछती उम्मीद के आंकड़े

यह महज़ एक संस्था नहीं, बल्कि लाखों परिवारों के बुझते दीयों को दोबारा रोशन करने का ज़रिया बन चुकी है। जरा इन आंकड़ों के पीछे छिपी दुआओं को महसूस कीजिए:

  • 10 लाख से अधिकग्रामीणों तक सीधी स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाई गईं।
  • 16,800 से अधिक मुफ्त सर्जरीकरके मौत के मुंह में जा रहे गरीब माता-पिता, भाई-बहनों को नया जीवन दान दिया गया।
  • तंबाकू मुक्ति अभियानऔर मोबाईल हेल्थ युनिट्स के जरिए गाँव-गाँव जाकर कैंसर के खिलाफ एक जन-आंदोलन खड़ा किया गया।

माताओं-बहनों की रक्षा का बीड़ा: ग्रामीण इलाकों में महिलाएं अक्सर अपनी तकलीफें छुपा जाती हैं। डॉ. माने ने इस दर्द को समझा और महिलाओं के लिए विशेष रूप से गर्भाशय के कैंसर (Cervical Cancer) की जांच और इलाज का एक व्यापक अभियान चलाया, जिससे हजारों घरों के चूल्हे उजड़ने से बच गए।

सपनों का अस्पताल: अब अपनों के बीच होगा इलाज

डॉ. स्वप्नील माने का यह सफर यहीं थमने वाला नहीं है। ग्रामीण मरीजों को और बेहतर सुविधाएं देने के लिए वे शिर्डी के पास 100 बिस्तरों (Beds) का एक बेहद आधुनिक कैंसर अस्पताल तैयार कर रहे हैं। इतना ही नहीं, भविष्य में इसे 300 बिस्तरों के एक विशाल कैंसर आरोग्य संकुल में तब्दील करने की योजना है, जहाँ एक ही छत के नीचे दुनिया भर की बेहतरीन कैंसर चिकित्सा बेहद कम खर्च या मुफ्त में उपलब्ध होगी।

अगर आपके आस-पास भी कोई कैंसर से जिंदगी की जंग लड़ रहा है और लाचार है, तो उस तक उम्मीद का यह पता जरूर पहुँचाएं:

संपर्क सूत्र:

साईधाम हॉस्पिटल, नगर-मनमाड रोड, पाण्याच्या टाकीजवळ (पानी की टंकी के पास), होटल भाग्यश्री के पीछे, राहुरी, जिला- अहमदनगर, महाराष्ट्र – 413705.

02426 235500

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment