लालच बुरी बला है इसलिए कोई भी काम बिना किसी लालच के करना चाहिए। इसलिए बिना सोच विचार किए कोई भी कार्य कभी भी नहीं करना चाहिए। लालच के कारण क्या क्या हो सकते हैं । जानें इस छोटी सी कथा का माध्यम से। पढ़ें लालच बुरी बला है कथा।
कहते हैं लालच बुरी बला है। क्योंकि, इस लालच के कारण कई बार लोग अपनों को अपनी रिश्तों को और तो और अपनी जान तक गंवा देते हैं। लालच के कारण क्या हो सकता है इसका उदाहर इस कथा का माध्यम से मिलता है। जहां एक कंगन के लालच कैसे किसी की जान गंवाने का कारण बना।
एक समय किसी वनमें एक बूढा बाघ स्नानकर हाथमें कुशा लेकर एक पथिकसे कहने लगा ‘ओ पथिक ! इस सोने के कंगन को ले लो, ये मेरे किसी काम का नहीं।’ यह देखकर वह पथिक ब्राह्मण सोचने लगा कि ऐसे अवसर भाग्य से आते हैं, परंतु इसमें जीवन मरण का संदेह है, इसलिये इसमें प्रवृत्त नहीं होना चाहिये क्योंकि अपने अहित कर से इष्ट वस्तु मिलने पर भी अच्छा परिणाम नहीं होता, जैसे जिस अमृत में विष का संसर्ग है, वह अमृत भी विष बनकर मृत्यु का कारण बन जाता है। परंतु मनुष्य बिना संशय में पडे लाभ का भागी भी नहीं होता। यह सोचकर विप्र ने बाघ से कहा ‘कहां है सोने का कंगन ?’
