ऑनलाइन फ्रॉड के जरिए अगर आपके बैंक अकाउंट से पैसे निकाल लिए जाते हैं तो आरबीआई ग्राहकों को राहत देगा। इस व्यवस्था के तहत पीड़ित ग्राहकों को 25000 रुपये तक मुआवजा मिलेगा। यह सुविधा अगले साल से शुरू होने जा रही है।
नई दिल्ली: ऑनलाइन बैंकिंग और डिजिटल पेमेंट फ्रॉड के शिकार होने वाले लोगों के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने एक बेहद राहत भरा फैसला लिया है। नए नियमों के तहत अगर कोई व्यक्ति पहली बार डिजिटल धोखाधड़ी का शिकार होता है, तो उसे उसके नुकसान का 85% या 25000 रुपये (जो भी कम हो) मुआवजे के रूप में दिया जाएगा।
आरबीआई का यह नया सुरक्षा कवच उन मामलों में भी काम करेगा जहां ग्राहक ने गलती से अपना ओटीपी या पासवर्ड किसी जालसाज के साथ साझा कर दिया हो। यह संशोधित नियम जनवरी 2027 से लागू होने जा रहे हैं। पहले इसे जल्द लागू किया जाना था, लेकिन बैंकों की तकनीकी और प्रणालीगत तैयारियों को देखते हुए आरबीआई ने इसे 6 महीने के लिए आगे बढ़ा दिया है।
